जंतर-मंतर पर इस समय क्या हो रहा है? (23 जुलाई 2026) –
दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय देश के सबसे बड़े युवा आंदोलनों में से एक का केंद्र बना हुआ है। यहाँ हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन शुरुआत में कथित परीक्षा पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सरकारी जवाबदेही और युवाओं के रोजगार जैसे व्यापक मुद्दों तक पहुँच चुका है।
आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?
इस आंदोलन की शुरुआत प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर मेडिकल और सरकारी नौकरियों की प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध से हुई। बड़ी संख्या में छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से उनके भविष्य पर असर पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार धरना और प्रदर्शन जारी है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल लोग मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें कर रहे हैं—
- परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत कानून लागू किए जाएँ।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए जाएँ।
- प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
इस समय जंतर-मंतर का माहौल
23 जुलाई 2026 को भी जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। बारिश और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग लगातार धरना स्थल पर पहुँच रहे हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) भी तैनात है।
स्वयंसेवकों द्वारा प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की जा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस आंदोलन के समर्थन में सहायता भेज रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
बीते कुछ दिनों में संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और झड़पों की घटनाएँ भी सामने आईं। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
आज गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के आसपास लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे में कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ निलंबित करने और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
सरकार का रुख
सरकार ने कहा है कि परीक्षा संबंधी मामलों के समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए भी तैयार है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने प्रदर्शनकारियों को वार्ता का प्रस्ताव दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
विपक्ष और अन्य लोगों का समर्थन
इस आंदोलन को कई विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है।
आंदोलन का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह युवाओं की रोजगार, शिक्षा, अवसरों की समानता और सरकारी जवाबदेही से जुड़ी व्यापक चिंताओं को सामने ला रहा है। इसी कारण देश के कई शहरों में भी समर्थन प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
वर्तमान स्थिति (23 जुलाई 2026)
- जंतर-मंतर पर धरना अभी भी जारी है।
- हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है।
- पुलिस और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
- सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश की गई है।
- प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय देश के सबसे चर्चित आंदोलनों का केंद्र बना हुआ है। आंदोलन की शुरुआत परीक्षा पेपर लीक और भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध से हुई थी, लेकिन अब यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं के भविष्य, रोजगार और सरकारी जवाबदेही जैसे बड़े मुद्दों का प्रतीक बन गया है। भारी सुरक्षा, बारिश और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली बातचीत तथा प्रशासनिक फैसलों पर इस आंदोलन की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।