भारत सरकार ने हाल ही में ‘AI कोश’ नामक एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है। यह पहल AI नवाचार के लिए एक सुरक्षित केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जो इंडिया AI कंप्यूट पोर्टल और डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से AI अनुसंधानकर्ताओं और डेवलपर्स को आवश्यक संसाधन और उपकरण प्रदान करेगी।
AI कोश के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि भारत में AI के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिले, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, स्मार्ट सिटी, और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नति हो सके। इससे न केवल तकनीकी विकास होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इस पहल के तहत, नीति आयोग ने 2018 में AI के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति जारी की थी, जिसमें इन पांच क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया था।
इसके अलावा, सरकार ने AI अनुसंधान और विकास के लिए एक समर्पित कोष की स्थापना की है, जो स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
AI कोश के साथ-साथ, इंडिया AI कंप्यूट पोर्टल और डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म भी लॉन्च किए गए हैं, जो AI अनुसंधानकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट और कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध कराएंगे। यह प्लेटफ़ॉर्म्स AI मॉडल्स के प्रशिक्षण और परीक्षण में सहायता करेंगे, जिससे नवाचार और उत्पाद विकास की गति बढ़ेगी।
सरकार की यह पहल न केवल तकनीकी क्षेत्र में, बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी, जिससे भारत वैश्विक AI परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर सकेगा।
AI कोश और संबंधित प्लेटफ़ॉर्म्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित वीडियो देख सकते हैं:
दोस्तों जैसे आपने चेर जीपीटी चाइना के डीप सिक एआई मेटा एआई google2 यानी मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आज एआई कोस लंच किया गया है यह एआई कोस का अनावरण किया एआई इनोवेशन के लिए एक सुर सित केंद्र बनाया जाएगा इसके जरिए या यूं कहिए कि भारत ने भी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत कर दी है इंडिया एआई कंप्यूट पोर्टल और डटा सेट प्लेटफार्म एआई कोस लांच किया गया है इनकी मदद से भारतीय एआई डेवलप होगा और देश के 27 शहरों में एआई डाटा लैब भी बनाएगी सरकार जैसा कि बजट में भी अनाउंस किया था
सरकार ने आज आखिरकार इसका उद्घाटन हो चुका है आइए देखते हैं कि इससे युवाओं को क्या फायदा होगा देश के जो युवा लड़के लड़की हैं उनके लिए क्या जॉब के नए अपॉर्चुनिटी मिलेंगे और किस तरह से आप इस एआई कोस टूल का इस्तेमाल कर पाएंगे दोस्तों देश के आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव की तरफ से आज नई दिल्ली में यह लॉन्चिंग हुई इंडिया एआई कंप्यूट पोर्टल और डाटा सेट प्लेटफॉर्म दोनों की यह एआई कोस सावरेन डटा सेट प्लेटफॉर्म भारतीय एआई मॉडल को डेवलप करने और ट्रेनिंग देने में मदद करेगा मतलब जैसे चेर जीपीटी और डीप सीक चाइना के और बाहरी विदेशी कंपनियों के एआई टूल हैं वैसे टूल अब हमारे भारत में भी डेवलप हो पाएंगे
जबकि इंडिया एआई कंप्यूट पोर्टल के जरिए रिसर्चस स्टार्टअप्स और सरकारी एजेंसियां रिसर्च परीक्षण के लिए सब्सिडी वाले जीपीयू को एक्सेस कर पाएगी सरकार ने जीपीयू सब्सिडी रेट लगभग ₹ 7 प्रति घंटा तय किया है और इसके लिए करीब 10000 जीपीयू भी लाइव कर दिए गए हैं आपको पता होगा एआई टूल्स को रन करने होस्ट करने के लिए एडिया के जीपीयू की काफी जरूरत पड़ती है तो यह अब आपको सरकार सब्सिडी पर मुहैया कराएगी शुरुआती चरण में इंडिया एआई मिशन के तहत देश के 27 शहरों में एआई डाटा लैब बनाने का ऐलान किया है आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन लैब्स का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए किया जाएगा अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही हमारा देश भारत टॉप फाइव टेक नेशन में शामिल होगा इतना ही नहीं अगले तीन-चार सालों में तो भारत अपने खुद के जीपीयू भी विकसित करेगा और
आने वाले समय में एआई सेमीकंडक्टर और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में भारत दुनिया के टॉप फाइव कंट्रीज में शामिल होने जा रहा है इस एआई इंडिया मिशन के तहत कुल 18693 जीपीयू लगाए जाएंगे और कैबिनेट ने इस इंडिया एआई मिशन के लिए ₹ 371 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दी थी जिनमें से लगभग 45 प्र फंड से यह ग्राफिक्स कार्ड जीपीयू लगाए जाएंगे इससे वर्ल्ड का सबसे बड़ा कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा जो कि चाइनीज एआई मॉडल डीप सी से भी तकरीबन नौ गुना बड़ा होगा इन सभी जीपीयू का एक्सेस करके देश की टेक रिसर्च कंपनियां कंप्यूटिंग रिसोर्सेज एक्सेस कर पाएगी इसके अलावा भी एडब्ल्यू amazon2 लोअर एंड जीपीयू की सप्लाई करेगी भारत सरकार का मकसद है एआई को बढ़ावा देना डोमेस्टिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल बनाने के अपने प्रयासों में भी तेजी लाना है अब सिंपल मतलब यह हो गया दोस्तों कि जैसे अभी ट जीपीटी वगैरह का इस्तेमाल आपने कभी किया होगा अब ऐसा ही एआई अलग-अलग मॉडल्स भारत में आपको खुद के देखने को मिलेंगे तो इससे इंडिया के युवाओं को फायदा मिलेगा कि एक तो सस्ते में आप एडवांस एआई मॉडल्स का इस्तेमाल कर पाएंगे अपनी जॉब में अपने ऑफिस में प्रोफेशनल वर्क के लिए जैसे कोडिंग डेवलपमेंट करना हो प्रेजेंटेशन बनानी हो किसी के भी लिए ठीक है दूसरा फायदा यह होगा कि ये सभी मेड इन इंडिया होस्ट इन इंडिया होंगे तो आपके जो यूजर के डाटा होते हैं वो कहीं इंडिया से बाहर नहीं जाएंगे बाहर की कंपनियों के पास नहीं होंगे तो भारत का डाटा और ज्यादा सुरक्षित होगा है ना आगे जाकर इसके और भी कई अलग-अलग क्षेत्रों में फायदे हमें देखने को मिलेंगे
जैसे चिकित्सा स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लानिंग में भी एआई का इस्तेमाल हो पाएगा है ना बाकी आपको क्या लगता दोस्तों कि क्या चेर जीपीटी और डीप सिक जैसे एडवांस एआई से भी बढ़कर भारत अपना खुद का एआई मॉडल बना पाएगा सरकार की इस एआई कोस पहल के जरिए आपकी क्या राय और विचार है इस पर कमेंट करके बताइएगा जरूर और भी आपके मन में एआई कोस से जुड़ा कोई सवाल है तो बे जीज कमेंट करके पूछेगा मैं रिप्लाई करने की जरूर कोशिश करूंगा एआई कोस यू आर ऑल इन वन प्लेटफॉर्म प्रोवाइड द रिसोर्सेस एंड टूल्स यू नीड टू टर्न योर एआई रिलेटेड आइडियाज इनटू मीनिंगफुल इंपैक्ट समझ रहे हो कोट ही यही रखा गया है इसका जिसको आज लॉन्च कर दिया गया है बाकी इसको को लेकर आगे जो भी अपडेट आएंगे मैं आपको बताता रहूंगा बिल्कुल जुड़े रहेगा